पश्चिम भारत और दक्षिण में बारिश का कहर जारी, अब तक 183 लोगों की मौत

रविवार को भी बारिश के कहर से बेहाल पश्चिम भारत और दक्षिण के लोागों को बारिश से कोई राहत नहीं मिली है, अब तक जहां केरल में 72 लोगों की मौत हुई है वहीं कर्नाटक, महाराष्ट्र तथा गुजरात में बारिश के कहर तथा बाढ़ के कारण 111 लोगों की मौत हो गयी है। दक्षिण भारत के राज्य कर्नाटक में सभी नदियां उफान पर हैं। जिला बेल्लारी में रविवार की सुबह तुंगभद्रा नदी के तट पर स्थित यूनेस्को विश्व धरोहर हम्पी एक जलाशय से 1.70 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद डूब गया।

अधिकारियों के अनुसार हम्पी से घुमने आए सभी लोगों को पर्यटकों से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है। कर्नाटक में अप्रत्याशित बाढ़ के चलते पिछले हफ्ते से अब तक 40 लोगों की जान चली गयी। इसके अलावा 17 जिलों के 80 तालुकों में चार लाख लोग विस्थापित हो गये। बारिश का जायजा लेने के लिए गृह मंत्री अमित शाह ने कर्नाटक और महाराष्ट्र के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। वहीं केरल में अब तक करीब 2.51 लाख से अधिक लोगों ने 1,639 राहत शिविरों में शरण ली है।

रविवार शाम सात बजे राज्य सरकार की ओर से जारी बयान के में बारिश और बाढ़ ने अभी तक 72 लोगों की जान ली है वहीं अभी तब करीब 58 लोग अब भी लापता हैं। इसके अलावा रविवार को कोच्चि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उड़ान परिचालन बहाल हो गया। रनवे पर बारिश का पानी भर जाने के कारण हवाई अड्डा दो दिनों से बंद था। मौसम विभाग ने भारी वर्षा के अनुमान के मद्देनजर कन्नूर, कसारगोड तथा वायनाड के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। त्रिशूर के कोडंगल्लूर में में 19.9 सेंटीमीटर तथा मलप्पुरम के पेरिंथलमन्ना में अब तक 13.8 सेंटीमीटर बारिश हुई।

वहीं कांग्रेस नेता तथा वायनाड से सांसद राहुल गांधी ने जिले में बाढ़ राहत शिविरों का दौरा किया। उन्होंने वहां रूके हुए लोगों से बातचीत की और उनका हाल जाना,इसके बाद वह कवलाप्पाडा भी गए। मलप्पुरम आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का का कहना है कि आठ अगस्त को हुए भूस्खलन के बाद कवलाप्पाडा से अभी तक 11 शव निकाले गए हैं। एक अधिकारी ने बताया कि अभी तक 50 शवों के मलबे और मिट्टी के भीतर फंसे होने की आशंका है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *