मरी हुई मां को जगाने की कोशिश करते बच्चे का वीडियो हुआ था वायरल, शाहरुख खान ने पहुंचाई आर्थिक सहायता

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दैनिक भास्कर

Jun 01, 2020, 09:16 PM IST

बीते दिनों बिहार के मुजफ्फर नगर रेलवे स्टेशन से एक दिल दहलाने वाला वीडियो वायरल हुआ था। इसमें एक बच्चा अपनी मरी हुई मां को जगाने के लिए उसका चादर खींचते नजर आ रहा था। अब शाहरुख खान के मीर फाउंडेशन ने इस बच्चे को आर्थिक सहायता देने का फैसला लिया है।

बच्चा अब दादा की देखभाल में रहेगा
मीर फाउंडेशन ने ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से दादा-दादी के साथ बच्चे की फोटो साझा की है और लिखा है, “मीर फाउंडेशन उन सभी का शुक्रगुजार है, जिन्होंने इस बच्चे की मदद के लिए हमें अप्रोच किया। जिसके उस हृदयविदारक वीडियो ने सभी को परेशान कर दिया था, जिसमें वह अपनी मां को जगाने की कोशिश कर रहा था। हम उसे सपोर्ट कर रहे हैं और वह अब अपने दादा की देखभाल में रहेगा।”

मुझे पैरेंट्स की कमी का अहसास: शाहरुख
शाहरुख ने मीर फाउंडेशन के ट्वीट को री-ट्वीट करते हुए लिखा है, “आप सभी लोगों का शुक्रिया, जो हमें इस बच्चे के टच में लाए। हम दुआ करेंगे कि उसे इतनी शक्ति मिले कि वह अपने पैरेंट्स को खोने के दर्द को सहन कर सके। मुझे पता है कि यह अहसास क्या होता है? हमारा प्यार और सपोर्ट आपके साथ है बेबी।”

शाहरुख ने पिता को बचपन में ही खोया
शाहरुख ने अपने पिता मीर ताज मोहम्मद को बचपन में ही हो दिया था। जब वे 30 साल के हुए तो उनकी मां लतीफ फातिमा खान चल बसीं। एसआरके ने एक इंटरव्यू में कहा था कि उन्हें इस बात का मलाल हमेशा है कि वे अपने पैरेंट्स के साथ ज्यादा वक्त नहीं बिता पाए। इसलिए उन्होंने तय किया है कि वे लंबे समय तक जियेंगे, ताकि उनके बच्चों को पैरेंट्स की कमी महसूस न हो। 

महामारी में लगातार मदद कर रहे शाहरुख
शाहरुख देश में जारी कोरोनावायरस महामारी से प्रभावितों की लगातार मदद कर रहे हैं। उन्होंने पीएम केयर्स फंड, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के सीएम रिलीफ फंड में योगदान दिया है। इसके अलावा वे महाराष्ट्र के मेडिकल स्टाफ को 25 हजार पीपीई किट्स उपलब्ध करा चुके हैं। साथ ही क्वारैंटाइन कैपिसिटी बढ़ाने के लिए अपना ऑफिस बीएमसी को दे चुके हैं, जहां हर जरूरी सुविधा उपलब्ध कराई गई है। 

इतना ही नहीं, मीर फाउंडेशन और उनकी आईपीएल फ्रेंचाइजी कोलकाता नाइट राइडर्स अम्फान तूफान से तबाह हुए पश्चिम बंगाल की मदद कर रहे हैं। इसमें सीएम रिलीफ फंड में आर्थिक मदद देने से लेकर प्रभावितों के लिए राशन और जरूरी सामान और प्रदेश में 6000 पेड़ लगाना शामिल है।