अब कूल्हे के दर्द को ना करें नजरअंदाज, इससे हो सकती है यह गंभीर बीमारी

अगर आपके शरीर के किसी हिस्से में दर्द रहता है तो वह पूरी तरह से आपके दैनिक जीवन में बाधा डालता है। जिनमें से कूल्हों का दर्द भी ऐसा ही है, ऐसे में अगर अपकों दर्द हो रहा है तो रोजमर्रा के काम करने में परेशानी सामने आने लगती है। वहीं अगर समय पर इसका इलाज नहीं होता है तो कई बार कूल्हे में दर्द का कारण शरीर में कहीं और कोई गड़बड़ी भी होती है। ऐसे होने पर आपकों तुरंत डॉक्टरों की सलाह लेने के बाद इलाज कराना बहुत जरुरी है।

जिला अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक कूल्हों, कमर, गर्दन तथा कलाई के दर्द के साथ और दर्द है जो बहुत चुपके से हमारी जिंदगी में जगह बना लेता है। इस तरह के दर्द को हम अकसर हम नजरअंदाज कर देते हैं। वहीं कभी-कभी हमें ठीक ढंग से उसका एहसास ही नहीं होता। दरअसल कूल्हे के दर्द में ऐसा ही होता जिसकी जड़ तक पहुंचे बिना ही हम इसे कमर दर्द का असर या अपनी थकावट का नतीजा मान लेते हैं। डॉक्टर की माने तो इस दर्द के मामले ज्यादा नहीं आते है मगर ऐसे में आपकों इसके लक्षणों को पहचानकर बचाव करना चाहिए।

आपकों बता दे कि कूल्हे में हड्डियों के बीच एक तरह का द्रव होता है और इसी द्रव या फ्लूइड की मदद से कूल्हे की हड्डियां सहजता से काम करती हैं। वहीं उम्र बढ़ने के साथ या किसी अन्य वजह से जब हड्डियों में फ्लूइड की कमी हो जाती है। यहीं से शुरू होता है हिप जॉइंट पेन से जुड़ी समस्याओं का सिलसिला। जिसके बाद आपके कूल्हे में दर्द रहने लगता है। साथ ही फ्लूइड की कमी की वजह से हड्डियों में रगड़ पैदा होने लगती है। जिसके चलते इस रगड़ से हड्डियां कमजोर हो जाती हैं। इसके अलावा ऐसा होने पर हड्डियां टूट-फूट भी हो सकती है।

जानिए क्या है कूल्हे में दर्द के लक्षण

अगर आपके कूल्हे में दर्द होता है तो इसके कई कारण हो सकते हैं। ऐसे में हम इन कारणों पर सीधे तौर से ध्यान नहीं देते है। बाद में इसमें जांघों में तेज दर्द होता है, वहीं कभी कूल्हे के जोड़ों के भीतर दर्द का अहसास होता है। कभी कभी तो यह दर्द कमर और नितंब तक पहुंच जाता है। डॉक्टरों के मुताबिक ज्यादा तेजी से काम करते है तो आपकों ये दर्द बढ़ता हुआ भी महसूस हो सकता है। ऐसे में डॉक्टर से मिलकर परामर्श करना ही सबसे बेहतर तरीका होता है।

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